मुक्केबाज़ी
तेरह वज़न वर्ग, दो क्वालिफायर और शून्य पदक: भारतीय मुक्केबाज़ी की मशीनरी का हिसाबपेरिस के ड्रॉ शीट पर छह भारतीय नाम थे। मैंने उन्हें ऊपर से नीचे तीन बार पढ़ा ...
वेट-इन कॉरिडोर का हिसाब: 51 किलो का नया घर और भारतीय मुक्केबाज़ी का बिना-स्कोर वाला सीज़नवेट-इन कॉरिडोर का हिसाब: 51 किलो का नया घर और भारतीय मुक्केबाज़ी का बिना-स्को...
लेजर, रिलीज़ लेटर और वज़न वर्गों की गुत्थी: भारतीय मुक्केबाज़ी की असली ट्रांसफर विंडोजब शाम साढ़े सात बजे रिसेप्शन से भेजी गई एंट्री लिस्ट खोली, तो उसमें 58 नाम थ...
वज़न बदले, कैलेंडर नहीं: पेरिस का शून्य भारतीय मुक्केबाज़ी की ट्रायल तारीखों में लिखा थापटियाला के साई एनआईएस परिसर की दूसरी मंज़िल पर एक नोटिस बोर्ड है जिस पर तीन...
49 किलो की लाइन हट गई: मुक्केबाज़ी में एक वज़न वर्ग कैसे पूरे करियर का फ़ैसला बन गयाटोक्यो 2026 की उस रात राउंड-16 का स्कोर 2-3 आया। पाँच जजों में से तीन ने...
तराजू बदली, काग़ज़ नहीं: भारतीय मुक्केबाज़ी का असली ट्रांसफर विंडो पटियाला की ट्रायल शीट पर खुलता हैपटियाला के साई एनआईएस हॉल में उस तराजू के ठीक पीछे दीवार पर एक शीट चिपकी थी, ...
पेरिस का ज़ीरो: भारतीय मुक्केबाज़ी का संकट टैलेंट का नहीं, पाइपलाइन का हैपेरिस 2026 से भारत का मुक्केबाज़ी दल छह मुक्केबाज़ों के साथ गया था और शून्य प...
वज़न वर्ग दो कम, करियर सैकड़ों पलटे: LA28 का मुक्केबाज़ी नक्शा और उसकी असली कीमतअम्मान, मार्च 2026। एशिया/ओशिनिया ओलंपिक क्वालिफ़ायर का दूसरा दिन। सुबह सात ब...
